80. सुमिरन की लगन
सुमिरन की लगन-
सुमिरन की जिसे लगन लगी,
प्रभु सुमिरन की जिसे लगन लगी,
उसे जीवन का मिल सुपथ गया। उसे
सुमिरन हैं एक सुन्दर औषधि,
सुमिरन की ही जिसे प्यास लगे,
उसके जीवन का ज्वर ताप गया। सुमिरन
आधि व्याधियां जिसे लगी हों,
तन कर्म के करने में न लगे,
मन में नित संताप भरा हो,
जीवन उसको व्यर्थ लगे,
सुमिरन की यदि उसको बान बान पड़े,
सुमिरन सञ्जीवन बन ही गया। सुमिरन
सब दोष मिटें मन के सारे,
ईर्ष्या, द्वेष, कपट और छल,
सुमिरन की जब बान पड़े,
जीवन-पथ उसे मिल ही गया। सुमिरन
-कमला मायर