35. ईश कृपालु
ईश कृपालु-
जब ईश कृपालु दया करें हम पर,
दोष न आएं पास हमारे।
द्वेष राग और लोभ मोह के,
शत्रु चाहे जो हमको घेरें,
दीन दयाल सहाय करें तो,
कोई करे न बिगाड़ हमारे।
जब—
दुर्जन दुष्ट और लोभी कामी,
कितने करलें यत्न विचारे,
ईश दयालु हों जब नर पर,
कोई न आने पाए नेरे।
जो नर निशदिन ध्यायें प्रभु को,
उनके प्रभु रक्षक और सहारे,
याचना है प्रभु हमें बना लो,
जन्म जन्म तक अपने चेरे।।
जब—
-कमला मायर