42. बता दो प्रभु
बता दो प्रभु-
बता दो मुझ को ऐ मेरे प्रभु,
अब में कौन उपाय करूं?
नित नई नई आस ले कर,
नया नया मार्ग खोजूं।
श्रम कर कर के दिवस बिताये,
दिवस से वर्ष गए,
अब तो डर है स्वामी,
समय है थोड़ा,
कैसे तुम्हे सुमिरूँ ?
भय है मुझ को गिर न जाऊं,
मग हैं भीषण और घने,
जब तक न पाऊँ सहारा,
मैं कैसे तुम्हारे द्वार उतरूं।
-कमला मायर