68. ईश कृपा कर दो

ईश कृपा कर दो-

हे ईश कृपा कर दो ऐसी, नित गीत गायें हम तुम्हारे,

ऐसा वर देदो हमको, चरणों में शीश नवायें तुम्हारी। हे ईश

बंधन जग के जितने भी, पांवों को रोके हमारे,

तुम काट दो ये सारे, पहुंचें हम पास तुम्हारे। हे ईश

विष जग के विषयों के, लुभा रहे हैं हम को,

करके दमन हम इनका, बन जायें भक्त तुम्हारी। हे ईश

जिन जिन ने इनको छोड़ा, मार्ग अपना किया उजला,

कली निशा हो उजली, पायें हम राह तुम्हारे। हे ईश

जब छाया घोर अँधेरा, जग उज्जवल किया है तुमने,

अज्ञान तम हटा दो, खुल जायें नैन हमारे। हे ईश

-कमला मायर