75. हे जगत-पिता

हे जगत-पिता-

हे जगत-पिता, जग के रक्षक,

सब पर दया करो।

तुम हो अपने जन के रक्षक,

सब पर कृपा करो। हे जगत

तुम ही हो जननी सब जग की,

तुम ही जनक हो सकल जग के।

भाई-बन्धु, सेज सम्बन्धी,

सखा बन सब पर स्नेह करो। हे जगत

तुम्ही तो हो स्वामी सबके,

हम हैं प्रजा तुम्हारी।

तुमको ही ध्यायें हम निशदिन,

हम पर करुणा हस्त धरो। हे जगत

मानव ही हैं हम तो,

भूलें हम सत्पथ कभी कभी।

आत्म शक्ति दे कर हमको,

मन में हमारे ज्ञान भरो। हे जगत

दुर्गुण रहें दूर सदा हम से,

सद्गुण को हम नित धारें।

राग-द्वेष, ईर्ष्या और वैर,

सदा हम से दूर करो। हे जगत

याचना करते है तुमसे,

हाथ जोड़ कर खड़े खड़े।

अपनी शरण में हमको रखकर,

शीश पे चरण धरो। हे जगत

-कमला मायर

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