40. प्रभु दया करो

प्रभु दया करो-

प्रभु इतनी सी दया करो मुझ पर,

मन से न कभी मैं तुमको विसारूं,

काम करून चाहे जग के सारे,

प्रतिछिन मन में नाम उतारूँ

प्रभु—

दुःख में सुख में तुम ही हो हमारे,

दीनन के तुम सदा सहारे,

सुनते पुकार तुम जान अपने की,

तुम्हारे बिना मैं किसको पुकारूँ।

प्रभु—

माता तुम्ही और पिया तुम्ही हो,

बंधू और सर्वस्व हमारे,

तुम्हारे दरश को निशदिन तरसूं,

पथ तुम्हारा कब से निहारूं।

प्रभु—

अज्ञान अविद्या ने मुझ को घेरा,

मार्ग न कोई मुझको सूझे,

अन्तर्यामी तुम तो हो प्रभु जी,

दिन रात तुम्हे मैं तभी पुकारूँ।

प्रभु—

-कमला मायर

Scroll to Top