48. बिन तेरे

बिन तेरे-

बिन तेरे न कोई हमारा,

तू ही है सबका सहारा।  बिन

 

तू है जगत का एक ही स्वामी,

घाट घाट वासी, अन्तर्यामी,

तेरी शक्ति से चले जग सारा,

तू ही, तू ही, है सबका सहारा।  बिन

 

बालक हैं हम सब तेरे,

तू मात-पिता, बंधू सबका,

पालन करता नित दे कर अमृत,

तू ही जग का पालनहारा।  बिन

 

तू है दानी हम सब याचक,

तेरी दया के हैं सब भिक्षुक,

नित आँचल भरता हमारा,

तेरा कभी न चुकता भंडारा। बिन

 

संकटों की आंधियां आएं,

हो जाये जब अँधियारा,

तू देखकर कष्ट जगत के,

झट हारता संकट सारा।  बिन

 

-कमला मायर

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