81. हम आन पड़े प्रभु द्वार

हम आन पड़े प्रभु द्वार-

हम आन पड़े प्रभु द्वार तुम्हारे,

सब पर अपनी कृपा करो।

पा जाँय परम सुख जीवन का,

ऐसी शक्ति हम में भरो। हम

युग-युग से पुकार रहे तुमको,

इस जग के सारे प्राणी,

सब दूरितों को दूर करो हमसे,

सब भद्र भाव ही हम में भरो। हम

तुम ही हो जगत के कर्त्ता,

पालन-करता और दुःख हर्त्ता,

सब जग के हो नियंता तुम,

सब का तुम कल्याण करो। हम

तुम्हारी कृपा के गुण नित गाएं,

तुम्हारी दया को पा जायें।

हम नाम जपें प्रति क्षण क्षण में,

ऐसा आत्मिक बल हम में भरो। हम

-कमला मायर

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